कुछ करने के लिए (Do to somthing )

1.   पहली बात और सलाह - 

                        पहली बात तो यह कि जो कुछ भी करना  है या सीखना है उसके प्रति हमारे मन में विश्वास (belive) होना चाहिए‌। और सीखना है तो बेहतर (best)सीखना है
 इसलिए (so) बेहतर सीखो जो भी तुम्हें देखे उसका मन अपने आप से कहे कि हां इसने कुछ कर दिखाया है ।  कहते हैं, जहां कौशल और शिक्षा यानि की विद्दा          (education)  का मिलन होता है, वही हूनर का निर्माण  होता है। लेकिन (but) हूनर वो नहीं जो सीखा फिर छोड़   (liave)      ्  दिया।  हूनर है तो भरोसा है इज्जत (आदर (respect))    है ,हूनरमंद को कुशल व्यक्ति (skillfull person).

2.   दूसरी बात (next advice)-

                         ‌दूसरी बात आप अपनी जिंदगी (life) में  अधिक ज्यादा बेकार की चीजें सीखते रहते होंगे ।जिसे  देखकर बाद में हमे पता (know)चलता है कि शायद  (hope) ये मेरे काम कि चीज नही है। मै इससे अपना  करियर नहीं बना (devlop) नहीं कर सकता हूं। चलो  माना कि आपको हर तरह (every type)का कार्य आना चाहिए। लेकिन उसमें से कुछ कार्य आपको आना ही  चाहिए। एक बात और कि उसमे से कुछ कार्य (some work) तो  आपके किसी काम के नही होते है। और आप  ज्यादा समय बेकार की सोंच में गवां देते हैं । इसी तरह आपका‌ समय बर्बाद होता जाता है।


3.   तीसरी बात (next word)- 

              यदि हम लोग (we all people) किसी भी कार्य को  करना जारी रखते हैं (do to contineu) तो एक न एक दिन हम उस कार्य को आसान पूर्वक  (eassly )  सीख जाते है। और यदि  (if )हम उसी सीखे कार्य का   अभ्यास (study) करना छोड़ दें तो उसे भूल‌ (forget)     जायेंगे। फिर भी (yet ) कुछ कार्य  ऐसे होते है, जिन्हें  हम कभी भूलते ही नहीं है (most never forget that     work)। और जो हम भूलते नहीं है , उस पर            ध्यान(not  care) ही नही करते । और यही कारण है कि( its reason that)  हम सफल नही हो पाते है (We are not be succses)। इसलिए  हमें  हमेंशा अपने कार्य को करते रहना चाहिए। घड़ी की तरह  (type of watch).


4.    सबसे अहम बात -

                  सबसे महत्वपूर्ण (important) बात कि हमारे जीवन में बहुत सारे  (meny )काम आते है,और जिसके माध्यम से हम सफल (succesfull) इंसान बन सकते है। तो चलिए दोस्तो कि एक सफल व्यक्ति बनने के लिए हमारे अंदर क्या होना चाहिए--


1.   आत्मविश्वास (selfcomfidence)-
       
                 आत्म विश्वास का तात्पर्य यह है की "स्वंय (self) पर पूर्णरूप से विश्वास करना " दोस्तो  हमारे जीवन में आत्मविश्वास का होना अति आवश्यक (very neceshry) है ।अगर आपमे अपने कार्य के प्रति आत्मविश्वास है तो आप कोई भी काम कर सकते हैं। लेकिन यदि आपको स्वंय पर भरोसा (selfcomfidence) नहीं है ,तो आप एक कामयाब व्यक्ति नही बन सकते। इसलिए आप जो भी कार्य करें उसके प्रति अपने अंदर एक विश्वास जिंदा रखो। तब जाके कहीं आप उस कार्य को पूर्णरूप से करके एक सफल इंसान बन सकते हैं।
सफलता एक दिन मे नही मिलती लेकिन एक दिन जरू मिलती है -

(i)   आत्मविश्वास के लिए एक लक्ष्य बनायें और उसे पूरा करने के लिए दृढ़ निश्चयी बने। जब आप अपने लक्ष्य को  पूरा करेंगे तो आपका आत्मविश्वास और अधिक हो जायेगा।

(ii)   आप अपने अंदर साकारात्मक सोंच (positive thought) न कि नाकारात्मक सोंच (nigetive thought) जब भी सोचे अच्छा सोचे ।

(iii)   हमेशा खुश रहें (Allwayse happy) एक दो               असफलताओं से दुखी न हों, बल्कि उस मुश्किल         परिस्थिति का डटकर सामना करें। और उस              असफलता  से कुछ सीखें क्योकि  अच्छे दिन की       शुरुआत (starting good day) रात के बाद  होतीहै।

(iv)  इस संसार में नामुमकिन (impossibale) नाम की          वस्तु है ही  नही। अगर आपके अंदर आत्मविश्वास         है, तो आप कुछ भी कर (anything) सकते हैं।


5.   मेहनत एंव लगन (hard work         and focus )-

       
          इतिहास गवाह है  (vitnes historey) सफलता उस  इंसान के चरण(step) चूमती है, मेहनत एंव लगन   रखता है ,अपने काम के प्रति । नहीं तो कामयाबी      मेहनत से पहले  केवल शब्दकोष (only  Dictionery)मे  ही मिलता है।  मेहनत का दो अर्थ होना चाहिए-          शारीरिक और मानसिक हमारे अंदर दोनो का होना      जरुरी है।  ,( Impossible) बड़े से बड़ा एंव मुश्किल से     मुश्किल तथा असम्भव लगने वाले सभी कार्य( all      work) आसान हो जाता  है,जब आप‌ मेहनत और        सच्चे  लगन से कार्य करते हैं ऐसा नही है कि आपने जिस कार्य को किया उसमें असफल हो गये तो आप उस कार्य को कभी नहीं कर पायेंगे। आप उस कार्य को कर सकते हैं,बस उस कार्य को करने की कोशिश करते रहना चाहिए। क्योंकि--
       कोशिश करते रहने वाला ‌ही इतिहास रचता है।
       नामुमकिन लगने वाले वो सारे रिकार्ड‌ तोड़ता है।
      थक हार कर यूं ना बैठ ये मंजिल के मुशाफिर क्योंकि
      मंजिल उसी को मिलती है,जो बार-बार  हारने के बाद
      भी जीतने की उम्मीद रखता है। 
   

    
         
           

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